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नई दिल्ली। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2027 में दिल्ली के उच्च शिक्षण संस्थानों ने शानदार प्रदर्शन कर देश की शैक्षणिक साख को नई मजबूती दी है। राजधानी के प्रमुख विश्वविद्यालयों और संस्थानों ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति बेहतर करते हुए यह संकेत
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आईआईटी दिल्ली ने इस वर्ष सबसे उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए पांच स्थान की छलांग लगाकर 118वीं वैश्विक रैंक हासिल की है। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) ने भी पिछले वर्ष के 328वें स्थान से आगे बढ़कर 322वीं रैंक प्राप्त की।
डीयू के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने इसे संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा, यह सफलता हमारे शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। हम गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के मानकों को लगातार मजबूत कर रहे हैं। रैंकिंग के अनुसार डीयू भारतीय सार्वजनिक विश्वविद्यालयों में शीर्ष स्थान पर है और देश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में सातवें स्थान पर काबिज है।

आईआईटी दिल्ली।
जामिया की अब तक की सर्वश्रेष्ठ रैंक
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने भी इतिहास रचते हुए 75 से अधिक स्थानों की छलांग लगाकर 686वीं वैश्विक रैंक हासिल की है। इसके साथ ही जामिया देश के शीर्ष 20 संस्थानों में शामिल हो गई है। कुलपति प्रो. मजर आसिफ ने कहा, यह उपलब्धि जामिया के शिक्षकों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के उत्कृष्ट योगदान का परिणाम है। आने वाले वर्षों में हम और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रतिबद्ध हैं।
जेएनयू ने 555वीं रैंक के साथ दर्ज कराई मौजूदगी
उधर, जेएनयू ने 555वीं रैंक के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस बार भारत के कुल 52 संस्थानों को क्यूएस रैंकिंग में स्थान मिला है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी, वैश्विक शोध सहयोग और सस्टेनेबिलिटी पर निरंतर निवेश भारत को आने वाले वर्षों में टॉप.100 में और अधिक संस्थान पहुंचाने में मदद करेगा।





