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गुरुग्राम में शुक्रवार सुबह से हो रही तेज बारिश के कारण हालात बद से बदतर हो गए। शहर में कई जगह घुटनों तक पानी भर जाने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तमाम मुख्य चौराहे और सर्विस लेन पानी में डूबी नजर आईं। पानी में डूबने के कारण जगह-जगह गाड़ियां खड़ी नजर आईं। सुबह और शाम को ऑफिस टाइम में स्थिति और बिगड़ गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने निजी कंपनियों और कॉरपोरेट दफ्तरों से अपने स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम देने की एडवाइजरी जारी की ताकि सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके। हालांकि इसमें बहुत ज्यादा सफलता नहीं मिली। हालात खराब होते देखकर जीएमडीए, नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी ज्वाइंट मीटिंग करने में जुटे रहे। मिलेनियम सिटी कहलाने वाले गुरुग्राम सिटी की चारों तरफ हो रही किरकिरी की बात जब चंडीगढ़ में सरकार तक पहुंची तो आनन फानन में अधिकारियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके डैमेज कंट्रोल के निर्देश दिए गए। इसके बाद नगर निगम कमिश्नर, डीसीपी ट्रैफिक और जीएमडीए के सीईओ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए पत्रकारों को बुलावा भेजा। नगर निगम हाउस की बैठक स्थगित सुबह से हो रही बारिश के चलते बड़ा फैसला लिया गया है। शहर में जगह-जगह हुए भारी जलभराव और गंभीर प्रशासनिक स्थिति को देखते हुए आज होने वाली गुरुग्राम नगर निगम हाउस की महत्वपूर्ण बैठक को स्थगित कर दिया गया है। लगातार हो रही बारिश के कारण चारों तरफ पानी भर गया है, जिससे पार्षदों और अधिकारियों का बैठक में पहुंचना बेहद मुश्किल था। इसके अलावा, सभी निगम अधिकारियों और कर्मचारियों को फील्ड में उतरकर जलभराव की स्थिति से निपटने और ड्रेनेज सिस्टम को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। स्थिति सामान्य होने के बाद बैठक की नई तारीख घोषित की जाएगी। ट्रैफिक पुलिस की टीमें मैदान में यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तमाम टीमें फील्ड में उतर चुकी हैं। पुलिसकर्मी मुस्तैदी से जलभराव वाले इलाकों से वाहनों को निकालने और जाम खुलवाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश का अलर्ट जारी रखा है। जीएमडीए के कलाकार अधिकारी
जीएमडीए के अधिकारियों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। भारी बारिश के बीच सेक्टर-69 स्थित ट्यूलिप वॉयलेट के ठीक सामने बरसाती नाला खोद दिया गया, जो अब लोगों के लिए जानलेवा बन चुका है।इस गलत फैसले के कारण पूरी सड़क पर गहरा कीचड़ फैल गया है, जिसमें सुबह से कई गाड़ियां और दुपहिया वाहन फंस चुके हैं। स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं और हादसों का डर बना हुआ है। लोगों का कहना है कि मानसून में खुदाई करने वाले इन ‘दिमाग रहित’ अधिकारियों को बुनियादी ट्रेनिंग या समझ की सख्त जरूरत है, ताकि जनता को इस तरह की प्रशासनिक नाकामी न झेलनी पड़े। एक महिला ने वीडियो बनाकर अधिकारियों की लापरवाही को सामने लाया न ड्रेनेज सिस्टम, न जनप्रतिनिधियों को परवाह पूर्व अधिकारी जगमोहन उप्पल का कहना है कि आधुनिकता की चमक के पीछे गुरुग्राम में नागरिक सुविधाओं का बुरा हाल है। सालों से ठप पड़े ड्रेनेज सिस्टम के कारण हल्की बारिश में भी सड़कें टापू बन जाती हैं। गड्ढों और मलबे से भरी टूटी सड़कें यहां आम बात हो चुकी हैं, जिससे हर दिन राहगीर हादसों का शिकार हो रहे हैं। विडंबना यह है कि जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए जिम्मेदार सांसद, विधायक, पार्षद और प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह निष्क्रिय हैं। शिकायत के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। बदहाल बुनियादी ढांचा और अधिकारियों की यह घोर लापरवाही साफ दर्शाती है कि शहर की जनता भगवान भरोसे है। बेहतर गवर्नेंस और जिम्मेदार नागरिकता से बदलेगा शहर द्वारका एक्सप्रेसवे वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी बी सरीन ने बताया कि पिछले दो मॉनसून सीजन से 29 किमी लंबा द्वारका एक्सप्रेसवे पूरी तरह जलभराव-मुक्त रहा है। यह सफल ड्रेनेज प्लानिंग और बेहतरीन एग्जीक्यूशन का अनूठा उदाहरण है, जिसे पूरे गुरुग्राम में लागू किया जाना चाहिए। सरीन ने जोर देकर कहा कि सिर्फ अच्छा प्रशासन ही काफी नहीं है, बल्कि वर्ल्ड-क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए वर्ल्ड-क्लास नागरिक समझ भी जरूरी है [1.1]। कचरा फेंकना और ड्रेनेज ब्लॉक करना जैसी हरकतें समस्याओं को बढ़ाती हैं। शहर को साफ और सुरक्षित बनाने के लिए जवाबदेह प्रशासन के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिकता भी बेहद जरूरी है फोटो में देखिए शहर के हालात…………………




