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नई दिल्ली3 मिनट पहले

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Pm मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में महिलाओं आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बिलों पर स्पीच दी थी। - Dainik Bhaskar

PM मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में महिलाओं आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बिलों पर स्पीच दी थी।

केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण कानून यानी नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 को 16 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया है। संसद में गुरुवार से ही इसके संशोधन पर 3 दिनों के लिए बहस शुरू हुई। इस बीच आधी रात यह कदम उठाया गया।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, किसी कानून में संशोधन तभी हो सकता है जब वह कानून लागू हो। इसी वजह से इसे पहले लागू किया गया। हालांकि, कानून लागू होने के बावजूद संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण तुरंत नहीं मिलेगा।

यह आरक्षण अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू किया जा सकेगा। इस बीच विपक्ष ने सवाल उठाया है कि जब महिला आरक्षण कानून लागू ही नहीं था तो सरकार इसमें संशोधन का बिल कैसे ले आई।

सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधान 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गए हैं।

सरकार के नोटिफिकेशन के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 के प्रावधान 16 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गए हैं।

महिला आरक्षण बिल को 2023 में लोकसभा और राज्यसभा में पास किया गया था। इसके बाद राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दे दी थी। हालांकि, कानून लागू होने के बावजूद मौजूदा लोकसभा में यह लागू नहीं किया जा सकता। महिलाओं को 33% आरक्षण अगली जनगणना और उसके बाद होने वाले परिसीमन के बाद ही लागू किया जा सकेगा।

कानून के मौजूदा प्रावधानों के अनुसार, अगली जनगणना और उसके आधार पर परिसीमन (सीटों का पुनर्गठन) होगा। इसके बाद ही आरक्षण लागू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के कारण आरक्षण 2034 तक लागू होने की संभावना जताई गई थी।

2011 जनगणना के आधार पर आरक्षण लागू करना चाहती है सरकार

हालांकि, सरकार 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन कर महिला आरक्षण को 2029 के चुनाव से लागू करना चाहती है। इसके लिए सरकार ने संसद में तीन नए बिल पेश किए हैं: संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक, 2026।

इन तीन बिलों पर चर्चा करने के लिए सरकार ने 16 अप्रैल से 18 अप्रैल 2026 तक संसद का विशेष सत्र बुलाया है। सरकार की इसी जल्दबाजी पर विपक्ष सवाल उठा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार नए संशोधन बिल के जरिए परिसीमन करना चाहती है, जिससे दक्षिण के राज्यों को नुकसान होगा।

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अगर तीनों संशोधन बिल पास नहीं हुए तो

संसद में मौजूदा तीनों संशोधन बिल पास न हों, तो भी लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों पर महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा। यह आरक्षण 2026-27 की जनगणना के आंकड़ों के मुताबिक परिसीमन होने के बाद 2034 से ही लागू होगा।

रिजिजू बोले- महिला आरक्षण बिल को कानून बनाया, ताकि संशोधन हो सके

केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू बोले- ‘सरकार ने महिला आरक्षण कानून में बदलाव (संशोधन) करने की तैयारी कर रही है। जो पुराना कानून है, वह अभी तक लागू नहीं हुआ था। अब सरकार ने नोटिफिकेशन जारी किया है, ताकि उस कानून को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जा सके। फिर उसका संशोधन हो पाए।’

कल्याण बनर्जी बोले- कानून लाए नहीं, संशोधन शुरू कर दिया था

कल्याण बनर्जी ने कहा- केंद्र सरकार महिला आरक्षण में संशोधन से जुड़ा बिल लेकर आई है। लेकिन जब कानून लागू नहीं हुआ तो उसमें कैसा संशोधन। इसीलिए देर रात में इन्होंने 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया।

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