Comp 1 2026 04 16T150643220 1776502674


]

नई दिल्ली2 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
Pm ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े बिलों पर स्पीच दी थी। - Dainik Bhaskar

PM ने गुरुवार को लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े बिलों पर स्पीच दी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे देश को संबोधित करेंगे। संबोधन का विषय अभी स्पष्ट नहीं किया गया है। संभावना है कि PM महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन बिल संसद में पास न हो पाने पर बात कर सकते हैं।

यह संबोधन लाइव प्रसारित किया जाएगा। शुक्रवार को केंद्र सरकार लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई थी। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था।

बिल पर लोकसभा में 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। हालांकि, बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 528 का दो तिहाई 352 होता है। इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया था।

PM मोदी का राष्ट्र के नाम प्रमुख संबोधन

  • 8 नवंबर 2016 (रात 8:00 बजे): नोटबंदी की घोषणा।
  • 8 अगस्त 2019 (रात 8:00 बजे): जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद देश को संबोधित किया।
  • 19 मार्च 2020 (रात 8:00 बजे): कोरोना वायरस पर बात की और 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की अपील की।
  • 24 मार्च 2020 (रात 8:00 बजे): पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा।
  • 14 अप्रैल 2020 (सुबह 10 बजे – विशेष उल्लेख): लॉकडाउन 3 मई तक बढ़ाने की घोषणा।
  • 12 मई 2020 (रात 8:00 बजे): आत्मनिर्भर भारत’ अभियान और 20 लाख करोड़ के पैकेज की घोषणा।
  • 21 सितंबर 2025: PM मोदी ने ‘GST बचत उत्सव’ की घोषणा की, जो 22 सितंबर से लागू हुआ।

मोदी सरकार बिल पास कराने में पहली बार नाकाम

12 साल के शासन में यह पहला मौका था, जब मोदी सरकार सदन में कोई बिल पास नहीं करा पाई। अब महिला आरक्षण नई जनगणना के नतीजे आने से पहले लागू नहीं होगा, यानी 2029 के लोकसभा चुनाव में इसका फायदा नहीं मिलेगा।

सरकार ने दो बिल वोटिंग के लिए पेश ही नहीं किए

  • पहला- परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026
  • दूसरा- केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026

सरकार ने इन पर वोटिंग कराने से इनकार कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि दोनों पहले बिल से जुड़े हुए हैं, इसलिए इन पर अलग से वोटिंग कराने की जरूरत नहीं है।

तीन बिल, जिनके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया

5V6P1I 1776325473

24 साल बाद कोई सरकारी बिल गिरा

2002 के आतंकवाद निवारण बिल (पोटा) के बाद संसद में पराजित होने वाला पहला सरकारी विधेयक है।

1990 के संविधान (64वां संशोधन) बिल के बाद लोकसभा में गिरने वाला पहला संविधान संशोधन विधेयक है।

महिला आरक्षण और परिसीमन का कनेक्शन

सरकार ने लोकसभा में तीन बिल पेश किए थे। इसमें संविधान (131वां) संशोधन बिल, परिसीमन संशोधन संविधान बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026 शामिल थे। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होंगी। हालांकि यह अब 2034 तक लागू होगा।

इसके लिए परिसीमन की जरूरत है। परिसीमन का मतलब है कि देश की आबादी के आधार पर लोकसभा और विधानसभा की सीटों की सीमाएं और संख्या तय करना। यह काम एक परिसीमन आयोग करता है। पहले तय होगा कि किस राज्य में कितनी सीटें होंगी। किन इलाकों की सीमाएं क्या होंगी। उसके बाद ही आरक्षण तय हो पाएगा।

111 11776386197 1776445344

——————————–

लोकसभा में बिल गिरने से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…

प्रियंका बोलीं-सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी:हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकते; खुश हूं कि विपक्ष ने विरोध किया

Comp 7 1776494437

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शनिवार को कहा, ‘कल लोकसभा में जो हुआ वो लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश कर रही थी।’ उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत खुश हूं कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए लाया गया बिल गिर गया। सत्ता पक्ष हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकता।’ पूरी खबर पढ़ें…

लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला बिल क्यों गिरा:पीएम मोदी की अपील भी काम न आई; क्या सरकार ने जानबूझकर ऐसा किया, जानिए पूरी कहानी

Bedelimitation Bill Voting 18042026 1 1776489081

17 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण के पक्ष में मतदान करने की अपील की। पीएम की अपील और तमाम लामबंदियों के बावजूद लोकसभा में सीटें बढ़ाने वाला केंद्र सरकार का बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका। भास्कर एक्सप्लेनर में पढ़िए इसके राजनीतिक नफा-नुकसान ही पूरी कहानी…

खबरें और भी हैं…


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×