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गुरुग्राम29 मिनट पहले
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सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य में सुधार के बाद गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल से सोमवार को छुट्टी मिल गई।
गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती सामाजिक एवं पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक सोमवार को डिस्चार्ज हो गए। दोपहर 1:45 बजे अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हुए। सबसे पहले वह राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे।
वांगचुक लद्दाख से जुड़े मुद्दों और NEET पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर 26 दिनों तक अनशन पर बैठे थे। डिस्चार्ज होने से पहले उन्होंने वीडियो जारी कर कहा-
सारे काम पूरे करके अब मैं फिर पहाड़ों पर वापस आ जाऊंगा। आप सभी का धन्यवाद। मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम के डॉक्टरों और स्टाफ की शानदार टीम का भी दिल से धन्यवाद।

अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन में बताया गया कि वांगचुक के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ है। उनकी सभी मेडिकल रिपोर्ट सामान्य हैं और वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। अब वह बिना किसी परेशानी के चलने-फिरने में सक्षम हैं।
मेदांता अस्पताल की तरफ से जारी मेडिकल बुलेटिन

वांगचुक बोले- आगे भी आवाज उठाता रहूंगा
सोनम वांगचुक ने कहा- “अब मेरी तबीयत पहले से काफी बेहतर है। मैं धीरे-धीरे खाना खा रहा हूं और शरीर में भी ताकत लौट रही है। जैसे स्विट्जरलैंड से लौटने के बाद अनशन शुरू करने से पहले राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि दी थी और फिर जंतर-मंतर पहुंचा था, उसी परंपरा को आज भी दोहराया जाएगा। इसके बाद मैं अपने घर लद्दाख के लिए रवाना हो जाऊंगा।
देशभर से छोटे-बड़े, पास-दूर सभी लोगों ने एकजुट होकर इस मुहिम में अपनी आवाज मिलाई। सभी के सहयोग से यह आंदोलन सफल हुआ है और भविष्य में भी जनहित के मुद्दों पर इसी तरह मिलकर आवाज उठाई जाती रहेगी।”
अस्पताल से वांगचुक ने 4 VIDEO जारी किए
- 22 जुलाईः पहला वीडियो, जिसमें उन्होंने कहा ‘अभी भी जिंदा हूं।’ सरकार से छात्रों पर कोई कार्रवाई न होने का आश्वासन मिलने पर अनशन समाप्त करने को तैयार हूं।
- 24 जुलाईः दूसरा वीडियो, जिसमें उन्होंने 26 दिन का अनशन समाप्त करने की घोषणा की और केंद्र सरकार के साथ हुई बातचीत और लिखित आश्वासन की जानकारी दी।
- 25 जुलाईः तीसरा वीडियो, जिसमें उन्होंने सफदरजंग अस्पताल से मेदांता शिफ्ट किए जाने के दौरान घटनाक्रम और अनुभव साझा किए।
- 27 जुलाईः चौथा वीडियो, जिसमें बताया कि फाइनली अस्पताल से डिस्चार्ज हो रहा हूं। गांधी जी को श्रद्धांजलि देने राजघाट जाऊंगा।

लद्दाख से जुड़ी मांग को लेकर भी अनशन कर चुके
यह सोनम वांगचुक का पहला अनशन नहीं था। इससे पहले उन्होंने मार्च 2024 में लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने, पूर्ण राज्य का दर्जा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर 21 दिन की भूख हड़ताल की थी। इसके बाद सितंबर 2024 में वे ‘दिल्ली चलो पदयात्रा’ लेकर निकले, लेकिन दिल्ली सीमा पर हिरासत में ले लिए गए।
2025 में लद्दाख में आंदोलन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद प्रशासन ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया था। बाद में मार्च 2026 में केंद्र सरकार ने NSA के तहत उनकी नजरबंदी का आदेश वापस ले लिया और उन्हें रिहा कर दिया। अब उन्होंने NEET पेपर लीक और परीक्षा सुधार की मांग को लेकर 26 दिन तक अनशन किया, जिसे सरकार से तीन प्रमुख मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद समाप्त किया।

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