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नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की सेंट्रल प्रोक्योरमेंट एजेंसी (सीपीए) में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में हुए कथित 650 करोड़ के घोटाले और भ्रष्टाचार के सामने आने के बाद सीएम रेखा गुप्ता आहत हैं। सीपीए में घोटाला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री बेहद सख्त रुख अपनाया है। विजिलेंस (सतर्कता निदेशालय) की छापेमारी में यह बात सामने आई कि सरकारी अस्पतालों के लिए दवाएं, ओआरएस और मेडिकल उपकरण बाजार मूल्य से 10 से 15 गुना अधिक कीमतों पर खरीदे गए थे। हर आरोपी को दिलाई जाएगी कड़ी सजा : रेखा गुप्ता दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय अनियमितताओं पर सीएम ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि वो इस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और 2 डॉक्टरों को निलंबित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सीएम ने कहा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इस मामले की जांच जारी है और इसमें शामिल हर एक व्यक्ति की पहचान कर उसे कानून के दायरे में लाकर कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी





