केंद्र ने कहा- SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं:यह नियम सिर्फ OBC और SEBC पर लागू होता है; SC से याचिकाएं खारिज करने की मांग


]

Cover 1786069935895
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर साफ किया है कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के आरक्षण में ‘क्रीमी लेयर’ का सिद्धांत लागू नहीं होता है। सरकार ने उन जनहित याचिकाओं (PIL) का विरोध किया है, जिनमें SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के लिए अधिक न्यायसंगत नीति बनाने की मांग की गई थी। केंद्र ने हलफनामे में कहा कि याचिकाओं में संविधान के तहत मिले किसी मौलिक अधिकार के उल्लंघन का जिक्र नहीं है। साथ ही, कहीं भी यह नहीं बताया गया कि क्रीमी लेयर का नियम SC-ST पर लागू होता है। सरकार के मुताबिक, क्रीमी लेयर की अवधारणा सिर्फ OBC और SEBC आरक्षण से जुड़ी है। याचिका में मांग- संपन्न SC-ST परिवारों को आरक्षण का लाभ न मिले सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 11 अगस्त को रमाशंकर प्रजापति और अन्य की जनहित याचिकाओं पर केंद्र और राज्यों को नोटिस जारी किया था। याचिका में कहा गया है कि अगर SC-ST परिवार का कोई सदस्य पहले ही संवैधानिक या वरिष्ठ सरकारी पद का लाभ ले चुका है, तो उसके बच्चों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए। याचिका में कहा गया कि इससे आरक्षण का फायदा आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक अधिक समान रूप से पहुंच सकेगा। साथ ही, याचिका में आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को उप-श्रेणी मानकर उन्हें प्रवेश और सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता देने के निर्देश देने की मांग की गई थी। केंद्र ने कहा- संसद ही बदल सकती है SC-ST सूची सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि SC और ST की सूची में किसी भी तरह का बदलाव केवल संसद ही कर सकती है। राज्य सरकारें, अदालतें या कोई अन्य प्राधिकरण ऐसा नहीं कर सकते। संविधान के अनुच्छेद 341 और 342 के तहत केवल संसद को ही कानून बनाकर किसी जाति या जनजाति को सूची में शामिल करने या बाहर करने का अधिकार है। केंद्र ने कहा कि याचिका गलत धारणा पर आधारित है क्योंकि यह स्थापित कानून की अनदेखी करती है। सरकार ने इंदिरा साहनी मामले का हवाला देते हुए कहा कि SC, ST और OBC की पहचान ऐतिहासिक, सामाजिक और शैक्षिक पिछड़ेपन पर आधारित है, न कि केवल गरीबी पर। सरकार बोली- कल्याणकारी योजनाओं में पहले से है आय सीमा केंद्र ने स्पष्ट किया कि SC, ST और SEBC के लिए अधिकांश कल्याणकारी योजनाओं में पहले से ही ‘मीन्स टेस्ट’ (आय सीमा) लागू है, ताकि लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे। सरकार ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कौन सी सरकारी योजनाएं बढ़ाई जानी चाहिए और वे गरीबी रेखा से नीचे (BPL) के लोगों को कैसे लाभ पहुंचाएंगी। केंद्र ने कहा कि संविधान ऐतिहासिक भेदभाव को दूर करके समानता लाना चाहता है, लेकिन यह भेदभाव आय या आर्थिक पिछड़ेपन के आधार पर नहीं होता है। केंद्र ने यह भी कहा कि याचिका में मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का कोई मामला नहीं बनता है। सरकार के अनुसार, यह याचिका अदालत से नीतिगत मामलों में दखल देने की मांग करती है, जिसके लिए कोई विधायी जनादेश या ठोस आधार नहीं है।


  • Related Posts

    दिल्ली में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ:ड्राफ्ट बिल को कैबिनेट मंजूरी, बहुमंजिला और हाईटेक कैंपस को मिलेगी अनुमति

    ] दिल्ली सरकार ने राजधानी में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली…

    Amritsar CP Gurpreet Bhullar Eliminated

    ] गुरप्रीत सिंह भुल्लर, जिन्हें सरकार ने हटा दिया है। दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन और आतंकी साजिश को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले अमृतसर…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    दिल्ली में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ:ड्राफ्ट बिल को कैबिनेट मंजूरी, बहुमंजिला और हाईटेक कैंपस को मिलेगी अनुमति

    दिल्ली में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना का रास्ता साफ:ड्राफ्ट बिल को कैबिनेट मंजूरी, बहुमंजिला और हाईटेक कैंपस को मिलेगी अनुमति

    Amritsar CP Gurpreet Bhullar Eliminated

    Amritsar CP Gurpreet Bhullar Eliminated

    नीट पेपर लीक की साजिश महीनों पहले रची गई:CBI चार्जशीट में दावा- NTA एक्सपर्ट्स सवाल याद करते, होटल जाकर पर्चियों पर लिखते थे

    नीट पेपर लीक की साजिश महीनों पहले रची गई:CBI चार्जशीट में दावा- NTA एक्सपर्ट्स सवाल याद करते, होटल जाकर पर्चियों पर लिखते थे

    केंद्र का हलफनामा- SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं:सुप्रीम कोर्ट से कहा- यह सिद्धांत सिर्फ OBC और SEBC पर लागू; याचिकाएं खारिज की जाए

    केंद्र का हलफनामा- SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं:सुप्रीम कोर्ट से कहा- यह सिद्धांत सिर्फ OBC और SEBC पर लागू; याचिकाएं खारिज की जाए

    केंद्र ने कहा- SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं:यह नियम सिर्फ OBC और SEBC पर लागू होता है; SC से याचिकाएं खारिज करने की मांग

    केंद्र ने कहा- SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं:यह नियम सिर्फ OBC और SEBC पर लागू होता है; SC से याचिकाएं खारिज करने की मांग

    Bhaskar Updates Breaking Information Dainik Bhaskar Dwell Updates 7 August MP UP Rajasthan Bihar Delhi

    Bhaskar Updates Breaking Information Dainik Bhaskar Dwell Updates 7 August MP UP Rajasthan Bihar Delhi
    ×