पंजाब सबसे अधिक वेतनमान देने वाले राज्यों में शामिल:कई श्रेणियों में केंद्र सरकार से भी आगे: हरपाल सिंह चीमा


]

Whatsapp Image 2026 08 04 At 82300 Pm 1785862067
पंजाब पहले से ही देश में सबसे अधिक सरकारी वेतनमान देने वाले राज्यों में शामिल है और कई श्रेणियों में केंद्र सरकार से भी अधिक वेतनमान प्रदान कर रहा है। पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पूर्ववर्ती शिरोमणि अकाली दल-भाजपा और कांग्रेस सरकारों की नीतियों के कारण राज्य को कर्मचारियों के वेतन आयोग के बकायों के रूप में 14,191 करोड़ रुपये की देनदारी विरासत में मिली है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार हाईकोर्ट द्वारा स्वीकृत निपटान योजना के तहत पहले ही 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के बकाये का भुगतान कर चुकी है और हाईकोर्ट के ताजा फैसले और उपलब्ध कानूनी उपायों का परीक्षण करते हुए सभी संवैधानिक एवं कानूनी रूप से वैध बकायों का भुगतान करने के लिए प्रतिबद्ध है। वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन आयोग की रिपोर्ट वास्तव में वर्ष 2016 में तत्कालीन अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान तैयार की गई थी। लेकिन इसे कई वर्षों तक लागू नहीं किया गया। उन्होंने कहा यह रिपोर्ट केवल जुलाई 2021 में लागू की गई। परिणामस्वरूप 1 जनवरी 2016 से जुलाई 2021 तक के महंगाई भत्ते के बकाये को स्थगित कर दिया गया, जिससे 14,191 करोड़ रुपये की देनदारी उत्पन्न हो गई। वित्त मंत्री ने आगे कहा कि हालांकि तत्कालीन शासनकाल के दौरान वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने इन बकाया राशियों में से एक रुपया भी जारी किए बिना अपना कार्यकाल पूरा कर लिया, जिससे पूरा वित्तीय बोझ वर्तमान सरकार पर आ गया। ‘आप’ सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि विभिन्न कर्मचारियों द्वारा हाईकोर्ट का रुख किए जाने के बाद पंजाब सरकार ने एक सुनियोजित निपटान योजना तैयार की, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। उन्होंने कहा, 14,191 करोड़ रुपये की कुल देनदारी में से ‘आप’ सरकार पहले ही कर्मचारियों को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुकी है। हाईकोर्ट ने इस निपटान योजना को स्वीकार कर लिया था और इसे लागू करने का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है।” वर्तमान महंगाई भत्ते के वितरण संबंधी हाईकोर्ट के ताजा फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एकल पीठ की व्याख्या में कुछ संवैधानिक मानदंडों तथा न्यायिक नज़ीरों की अनदेखी की गई प्रतीत होती है। महाराष्ट्र राज्य के मामले में वर्ष 2005 के संविधान पीठ के फैसले का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब इस समय देश में सबसे अधिक वेतनमान प्रदान कर रहा है, जो कई श्रेणियों में केंद्र सरकार के वेतन ढांचे से भी अधिक हैं। विभिन्न पदों के लिए पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के वेतनमानों की तुलना प्रस्तुत करते हुए मंत्री राज्य सरकार का कानूनी तर्क यह था कि जब राज्य का वेतन ढांचा पहले से ही काफी अधिक हो, तो कोई भी राज्य सरकार एक ही समय में सबसे अधिक मूल वेतनमान और केंद्र की सबसे अधिक डीए दरों दोनों को बनाए नहीं रख सकती।
उन्होंने आगे कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने स्वयं यह निर्णय लिया था कि नए भर्ती किए गए कर्मचारियों को केंद्रीय वेतन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत शामिल किया जाएगा। कर्मचारियों के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सभी संवैधानिक एवं कानूनी रूप से वैध बकायों का भुगतान किया जाएगा। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, हमारी कानूनी टीम ताजा फैसले का विस्तृत अध्ययन कर रही है, न्यायिक नज़ीरों की समीक्षा कर रही है और उपयुक्त कानूनी रास्ता तय करने के लिए विधि विशेषज्ञों से परामर्श कर रही है, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करने की संभावना भी शामिल है। प्रेस वार्ता का समापन करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पूर्ववर्ती अकाली दल-भाजपा और कांग्रेस सरकारों से भारी वित्तीय बोझ विरासत में मिलने के बावजूद पंजाब सरकार सभी बकाया वित्तीय देनदारियों का योजनाबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


  • Related Posts

    दिल्ली में टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाएं:सीएम रेखा गुप्ता ने जनप्रतिनिधियों से की अपील, 3,300 से ज्यादा निक्षय मित्र जुड़े

    ] मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ के तहत आयोजित जनप्रतिनिधियों की सेंसेटाइजेशन वर्कशॉप में हिस्सा लिया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और दिल्ली राज्य…

    दिल्ली में 4 अगस्त तक 137 साफ हवा वाले दिन:पिछले साल से 7 दिन ज्यादा, AQI 64 के साथ लगातार पांचवें दिन संतोषजनक

    ] दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। राजधानी में 4 अगस्त 2026 तक 137 साफ हवा वाले दिन दर्ज किए गए हैं। यह संख्या पिछले…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    दिल्ली में टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाएं:सीएम रेखा गुप्ता ने जनप्रतिनिधियों से की अपील, 3,300 से ज्यादा निक्षय मित्र जुड़े

    दिल्ली में टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाएं:सीएम रेखा गुप्ता ने जनप्रतिनिधियों से की अपील, 3,300 से ज्यादा निक्षय मित्र जुड़े

    दिल्ली में 4 अगस्त तक 137 साफ हवा वाले दिन:पिछले साल से 7 दिन ज्यादा, AQI 64 के साथ लगातार पांचवें दिन संतोषजनक

    दिल्ली में 4 अगस्त तक 137 साफ हवा वाले दिन:पिछले साल से 7 दिन ज्यादा, AQI 64 के साथ लगातार पांचवें दिन संतोषजनक

    पंजाब सबसे अधिक वेतनमान देने वाले राज्यों में शामिल:कई श्रेणियों में केंद्र सरकार से भी आगे: हरपाल सिंह चीमा

    पंजाब सबसे अधिक वेतनमान देने वाले राज्यों में शामिल:कई श्रेणियों में केंद्र सरकार से भी आगे: हरपाल सिंह चीमा

    सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर एमसीडी का अभियान तेज:एचपीवी वैक्सीन को लेकर जागरूकता अभियान की शुरूआत

    सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम को लेकर एमसीडी का अभियान तेज:एचपीवी वैक्सीन को लेकर जागरूकता अभियान की शुरूआत

    पीएम आवास से पहले पुलिस ने अरविंद केजरीवाल को रोका:ई-20 के विरोध में 100 लोगों के साथ धरने पर बैठे

    पीएम आवास से पहले पुलिस ने अरविंद केजरीवाल को रोका:ई-20 के विरोध में 100 लोगों के साथ धरने पर बैठे

    7 साल में 274 भगोड़ों को भारत लाया गया:₹17,874 करोड़ की संपत्ति भी अटैच; सरकार बोली- 36 देशों से प्रत्यर्पण

    7 साल में 274 भगोड़ों को भारत लाया गया:₹17,874 करोड़ की संपत्ति भी अटैच; सरकार बोली- 36 देशों से प्रत्यर्पण
    ×