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मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को दिल्ली की कृषि मंडियों के पुनर्विकास और विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में गाजीपुर, नरेला अनाज मंडी और आईएफसी गाजीपुर से जुड़ी परियोजनाओं का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि मंडियां किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इन्हें आधुनिक सुविधाओं और मजबूत आधारभूत ढांचे से लैस करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि व्यापारिक गतिविधियां अधिक सुगम और कृषि विपणन व्यवस्था अधिक प्रभावी बन सके। बैठक में गाजीपुर में करीब 15 एकड़ क्षेत्र में विकसित हो रहे आधुनिक पोल्ट्री मार्केट की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों के अनुसार लगभग 193.29 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का 85 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मार्च 2019 में शुरू हुई इस परियोजना को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। यहां 100 थोक व्यापारियों की दुकानें और 120 प्रोसेसिंग यूनिट्स विकसित की जा रही हैं। गाजीपुर फल, सब्जी एवं फूल मंडी में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए 17 लाख रुपये की लागत से 200 मीटर लंबी बाईपास ड्रेनेज पाइपलाइन बिछाई जा रही है। साथ ही मंडी परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवारा पशुओं को हटाने का अभियान भी नियमित रूप से चलाया जा रहा है। नरेला अनाज मंडी में व्यापारियों की सुविधा के लिए लगभग 11 करोड़ रुपये की लागत से दो अतिरिक्त स्टील शेड बनाने के प्रस्ताव की भी समीक्षा हुई। इस परियोजना के जुलाई 2027 तक पूरा होने की संभावना है। इसके अलावा आईएफसी गाजीपुर में चरणबद्ध तरीके से आधुनिक फूल मंडी विकसित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के लिए वर्ष 2001 में डीडीए से 10 एकड़ भूमि अधिग्रहित की गई थी।




