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दिल्ली सरकार राजधानी में भूमि और संपत्ति प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और विवाद मुक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। सरकार जल्द ही ‘दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल-2026’ विधानसभा में पेश करेगी। इसके तहत दिल्ली की प्रत्येक आवासीय, व्यावसायिक और अन्य संपत्तियों का वैज्ञानिक सर्वे कर डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा तथा हर संपत्ति को एक यूनिक प्रॉपर्टी आईडी के साथ ‘प्रॉपर्टी आधार कार्ड’ जारी किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जिस तरह आधार कार्ड ने प्रत्येक नागरिक की पहचान को एक विश्वसनीय स्वरूप दिया है, उसी तरह अब हर संपत्ति की भी प्रमाणिक और सुरक्षित डिजिटल पहचान होगी। इसके लिए सरकार विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने बताया कि पहले चरण में केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत दिल्ली के 30 ग्रामीण गांवों में भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से ड्रोन सर्वे कर स्मार्ट प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किए गए हैं। इस पायलट परियोजना की सफलता के बाद अब पूरी दिल्ली में व्यापक सर्वेक्षण कराया जाएगा। नई व्यवस्था में भवनों के प्रत्येक तल तक का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा, जिससे कोई भी संपत्ति रिकॉर्ड से बाहर नहीं रहेगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, दशकों से स्पष्ट भूमि रिकॉर्ड के अभाव में लोगों को खरीद-बिक्री, उत्तराधिकार, बैंक ऋण, नक्शा स्वीकृति और स्वामित्व से जुड़े विवादों का सामना करना पड़ता रहा है। डिजिटल रिकॉर्ड बनने से इन समस्याओं में कमी आएगी और सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी एवं तेज होंगी।




