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नई दिल्ली3 मिनट पहले
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सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को एक याचिकाकर्ता वकील ने सुनवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई चल रही थी। याचिका वकील ने ही लगाई थी।
सुनवाई की शुरुआत से ही वकील ने बेहद आक्रामक रुख अपना रखा था। कुछ ही देर में उसने कोर्ट में गाली देना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, केस से जुड़े कागज हवा में उछालते हुए कहा… “दे देना उस @#$&% CJI को….।”
याचिकाकर्ता वकील का व्यवहार देख सिक्योरिटी ने उसे कोर्ट रूम से बाहर निकाल दिया। मामले की सुनवाई जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच कर रही थी।
हालांकि कोर्ट ने वकील के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई न करने का फैसला किया है। साथ ही उसकी तरफ से दायर याचिका भी खारिज कर दी।
कोर्ट रूम में हुए हंगामे की 2 तस्वीरें…

वकील को सिक्योरिटी ने माइक से हटाया और कोर्ट रूम से बाहर ले गई।

वकील के कागज फेंकने के तुरंत बाद पीछे बैठी वकील बुरी तरह डर गई।
हंगामे के बाद जज बोले- हमें उसके साथ सिंपैथी है
सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता ने कहा, “न्यायिक अधिकारी महोदय, मैं आपको आदेश देता हूं कि आप लखनऊ के ACP के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दें। इस पर जस्टिस केवी विश्वनाथन ने हैरानी जताते हुए पूछा, आप मुझे आदेश दे रहे हैं?
इसके जवाब में याचिकाकर्ता ने कहा, “मेरी तरफ से बस इतना ही। सब कुछ रिकॉर्ड पर है। इसके बाद उसने केस की फाइल हवा में फेंक दी और गाली-गलौज करने लगा। इसके तुरंत बाद सुरक्षा कर्मी सक्रिय हुए और उसे कोर्टरूम से बाहर ले गए।
हंगामे के बाद जस्टिस केवी विश्वनाथन ने कहा- “वह बहुत परेशान है, यह सब हताशा है। हमें उसके लिए केवल सहानुभूति है।”
कोर्ट ने नहीं लिया एक्शन
हंगामे के बावजूद, बेंच ने याचिकाकर्ता के खिलाफ अदालत की अवमानना या कोई दूसरी कार्रवाई न करने का फैसला किया। जस्टिस विश्वनाथन ने कहा, “हम उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते। जहां तक मामले के गुण-दोष की बात है, हमने रिकॉर्ड देख लिए हैं और हमें विवादित आदेश में दखल देने का कोई ठोस आधार नहीं मिला। स्पेशल लीव पिटीशन खारिज की जाती है।”

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