]
![]()
नई दिल्ली। राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अधिक मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली पुलिस के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को अपराध की रोकथाम और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ड्रोन तकनीक के व्यापक उपयोग के निर्देश दिए हैं। एलजी ने कहा बदलते अपराध स्वरूप को देखते हुए पुलिस को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। अत्याधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से अपराध की घटनाओं पर अंकुश लगाने के साथ अपराधियों की गतिविधियों पर सटीक निगरानी भी संभव होगी। सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा देते हुए उन्होंने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और बाजार संघों के साथ समन्वय मजबूत करने पर जोर दिया। उनका कहना है कि जनता का विश्वास और सहयोग ही प्रभावी सूचना तंत्र की आधारशिला है तथा सामुदायिक पुलिसिंग से दिल्ली को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है। यातायात के नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति यातायात प्रबंधन को लेकर एलजी ने गलत दिशा में वाहन चलाने वालों और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रमुख जाम वाले स्थानों पर सख्त प्रवर्तन के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने पर भी बल दिया। महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर पुलिस कर्मियों के कल्याण पर जोर देते हुए उपराज्यपाल ने बल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और पुलिस आवासीय परिसरों को ‘जीरो-वेस्ट’ मॉडल के रूप में विकसित करने की बात कही। दिल्ली में चेन स्नैचिंग, मोबाइल चोरी और महिलाओं के खिलाफ अपराध जैसी चुनौतियों के बीच एलजी के ये निर्देश पुलिसिंग को अधिक जवाबदेह, तकनीक-सक्षम और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में अहम कदम माने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सशक्तीकरण के साथ जवाबदेही सुनिश्चित करना भी उतना ही जरूरी है। रोडमैप की 5 प्रमुख बातें




