Per capita increased by 1 percent crime decreased by 0.36 percent


]

नई दिल्ली3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
19 1780958407

देश की अर्थव्यवस्था और अपराध में गहरा रिश्ता है। अपराध में महज 1% की कमी से अल्पकाल में वास्तविक जीडीपी (विकास दर) 0.11% और दीर्घकाल में 0.133% तक बढ़ जाती है। एसबीआई रिसर्च ने देश के 28 राज्यों की स्टडी के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है।

जब सरकार प्रति व्यक्ति के हिसाब से अपने सुरक्षा खर्च में 1% की बढ़ोतरी करती है, तो उस राज्य में अपराध दर लगभग 0.36% घट जाती है। मतलब ये है कि सुरक्षा पर जितना ज्यादा खर्च होगा, जुर्म उतना ही कम होगा। जिन शहरों में सीसीटीवी कैमरों से जितना ज्यादा इलाका कवर किया गया है, वहां अपराध अपेक्षाकृत कम है। महिला के खिलाफ अपराध जहां जितने ज्यादा हैं, वहां वर्कफोर्स में उनकी हिस्सेदारी कम है।

2 Table 1780958181

पिछले वर्ष की तुलना में अपराध 6.0% कम

2024 में देश में कुल 58.86 लाख संज्ञेय (हत्या, दुष्कर्म आदि) अपराध दर्ज हुए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.0% कम हैं। अखिल भारतीय अपराध दर प्रति लाख आबादी पर वर्ष 2023 के 448.3 से गिरकर 2024 में 418.9 हो गई है। राज्यों में केरल में प्रति लाख आबादी पर सबसे अधिक 1,389 संज्ञेय अपराध दर्ज किए गए।

नगालैंड में प्रति लाख आबादी पर सबसे कम 61.6 अपराध दर्ज किए गए। महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 1.5% की गिरावट आई है, जो 2023 के 4.48 लाख मामलों से घटकर 2024 में 4.41 लाख रह गए। अपराध में इस गिरावट से भी अर्थव्यवस्था को सहारा मिला है।

3 Table 1780958142

ये आंकड़े दिखाते हैं हरियाणा, बिहार, पंजाब और बंगाल जैसे राज्य महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में राष्ट्रीय औसत (64.6) ऊपर चल रहे हैं। इससे वहां महिला श्रम बल भागीदारी पर नकारात्मक असर पड़ा है। राजस्थान अपवाद है, जहां क्राइम रेट ज्यादा, फिर भी महिला वर्कफोर्स 50%+ पर है।

एक सच ये भी… कुछ राज्यों में अपराध तो ज्यादा हैं, पर FIR न होने से आंकड़े कम

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़ों का अनुमान कहता है कि घरेलू हिंसा के कम से कम 5.94 लाख मामले पुलिस के पास पहुंचने चाहिए थे। लेकिन, एनसीआरबी के रिकॉर्ड में पति या रिश्तेदारों की क्रूरता के केवल 1.21 लाख पीड़ित ही दर्ज हुए।

80% मामले गायब: इसका मतलब यह हुआ कि पुलिस के संपर्क में आने वाले संभावित मामलों में से केवल 20.4% ही कागजों पर दर्ज हो पाए।

बंगाल का अलग उदाहरण: इसका लापता बच्चों में राष्ट्रीय हिस्सा 16.11% और हिंसक अपराधों में हिस्सा 14.45% है। लेकिन चोरी या सेंधमारी आदि के आंकड़े कम दर्ज हैं यानी कई मामले दर्ज ही नहीं कराए गए।

————— ये खबर भी पढ़ें…

दिल्ली में महिलाओं-बुजुर्गों के खिलाफ सबसे ज्यादा अपराध:साल 2024 में महिलाओं के खिलाफ 13,396 केस दर्ज

1 1780958393

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने साल 2024 में देश में हुए क्राइम की रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। दिल्ली महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामले में शीर्ष पर रही है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…

  • Related Posts

    Telegram Ban NEET-UG Re-Exam Challenge

    ] नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत NEET-UG री-एग्जाम से पहले एप…

    Telegram Ban NEET-UG Re-Exam Challenge

    ] नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत NEET-UG री-एग्जाम से पहले…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    Telegram Ban NEET-UG Re-Exam Challenge

    Telegram Ban NEET-UG Re-Exam Challenge

    Telegram Ban NEET-UG Re-Exam Challenge

    Telegram Ban NEET-UG Re-Exam Challenge

    Chandigarh Medical Store Firing | Attackers Kharr Connection Found

    Chandigarh Medical Store Firing | Attackers Kharr Connection Found

    Dainik Bhaskar Updates 17 June । Breaking News Latest News MP UP Delhi Rajasthan

    Dainik Bhaskar Updates 17 June । Breaking News Latest News MP UP Delhi Rajasthan

    केजरीवाल बोले- पेपर लीक रोकने की सरकार की मंशा नहीं:कहा- मोदी सरकार रोक लगाएगी तो MLA-MP खरीदने का पैसा कहां से आएगा

    केजरीवाल बोले- पेपर लीक रोकने की सरकार की मंशा नहीं:कहा- मोदी सरकार रोक लगाएगी तो MLA-MP खरीदने का पैसा कहां से आएगा

    Annamalai TN BJP Launch New Party

    Annamalai TN BJP Launch New Party
    ×