Lsdafkalskflask17678791141771526904 1775114938


]

57 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
8 जनवरी 2026 को Ed ने I-Pac के कोलकाता वाले दफ्तर पर रेड की थी। वहां से जब्त दस्तावेज। - Dainik Bhaskar

8 जनवरी 2026 को ED ने I-PAC के कोलकाता वाले दफ्तर पर रेड की थी। वहां से जब्त दस्तावेज।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को पॉलिटिकल कंसल्टेंट कंपनी I-PAC के तीन ठिकानों पर छापेमारी की। टीम दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद में कंपनी के दफ्तरों पर कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी कोयला चोरी और घोटाले से जुड़े मामले में हो रही है।

कंपनी के को-फाउंडर और डायरेक्टर ऋषि राज सिंह के ठिकाने भी इस कार्रवाई के दायरे में हैं। I-PAC पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी TMC के लिए चुनाव मैनेजमेंट का काम देखती है।

I-PAC और उसके डायरेक्टर पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। इस मामले में CBI ने 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला करीब 2,742 करोड़ रुपए से जुड़ा है।

इससे पहले जनवरी में ED ने कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर छापेमारी की थी। हाल ही में ED ने सिंह और जैन को बयान दर्ज कराने के लिए समन भेजा था। दोनों ने इन नोटिस को रद्द कराने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया। उनका कहना है कि वे बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव में व्यस्त हैं।

8 जनवरी को पिछली रेड के बीच पहुंची थीं ममता

ममता 8 जनवरी की दोपहर 12 बजे I-Pac के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। इस दौरान वहां Ed की रेड चल रही थी।

ममता 8 जनवरी की दोपहर 12 बजे I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। इस दौरान वहां ED की रेड चल रही थी।

8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं।

कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं।

ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं।

नॉलेज पॉइंट: जानिए I-PAC के बारे में

ममता अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और I-Pac के को-फाउंडर और डायरेक्टर प्रतीक जैन (दाएं) के साथ। यह फोटो प्रतीक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 4 जून 2024 को पोस्ट की थी।

ममता अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी और I-PAC के को-फाउंडर और डायरेक्टर प्रतीक जैन (दाएं) के साथ। यह फोटो प्रतीक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 4 जून 2024 को पोस्ट की थी।

  • I-PAC (Indian Political Action Committee) एक पॉलिटिकल कंसलटेंट फर्म है। इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन हैं।
  • यह राजनीतिक दलों को चुनावी रणनीति, डेटा-आधारित कैंपेन, मीडिया प्लानिंग और वोटर आउटरीच में मदद करती है।
  • I-PAC पहले Citizens for Accountable Governance (CAG) थी। इसकी शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर ने प्रतीक के साथ की थी। बाद में इसका नाम I-PAC रखा गया।
  • प्रशांत किशोर के हटने के बाद I-PAC की कमान प्रतीक के पास आ गई।
  • प्रशांत ने बाद में बिहार में ‘जन सुराज’ पार्टी बनाई। I-PAC तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ 2021 से जुड़ी है।
12 6 1767863660

————–

ये खबर भी पढ़ें…

I-Pac रेड विवाद-ममता पर पावर के गलत इस्तेमाल का आरोप:ED सुप्रीम कोर्ट में बोली-CM के फायदे के लिए पुलिस ने काम में रुकावट डाली

5820260108210L17682673471771407792 Ezgifcom Resize 1775115964

केंद्रीय जांच एजेंसी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पावर का गलत इस्तेमाल किया है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि CM और राज्य की मशीनरी कथित कोयला चोरी स्कैम के सिलसिले में I-PAC ऑफिस और उसके डायरेक्टर के ठिकानों पर रेड के दौरान गैर-कानूनी तरीके से घुसे। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

×